Top 10 Moral Stories In Hindi :Top 10 Best Ever Moral Stories Of 2021

Top 10 Moral Stories In Hindi – स्वागत है आपका  हमारे दितीय संस्करण मैं जहा हम आज १० ऐसे कहानियो Top 10 Moral Stories In Hindi  को आपके सामने प्रदर्शित करने वाले जिन्हें पड़ने के बाद ,आपको हिंदी भाषा के कहानियो को खुद के भाषा मैं लिखने का एक प्राथमिक धारणा की  प्राप्ति होगी और येही हमारा प्रधान लख्स्य है.

Top 10 Moral Stories In Hindi

Top 10 Moral Stories In Hindi – 1.03 – 

  • Top 10 Moral Stories In Hindi जादुई सनेटाइजर

भागलपुर नाम के एक गांव में एक छोटा सा परिवार रहता था जिसमें दो बच्चे थे जिनका नाम राहुल और प्रीति था और उनके एक बीमार पिता थे जो टीवी के मरीज थे ।।

उनके घर मै एक परिवार किराए पे रहता था जिसमें एक विवाहित दंपति रहते थे जिनका नाम रामलाल और उसकी पत्नी का नाम लीला था।।वे दोनों राहुल और प्रीति को हर महीने किराया देते और उन्हीं पैसों से राहुल और प्रीति अपने बीमार पिता का इलाज करते।।

रामलाल बहत ही लालची था वह राहुल और प्रीति के बीमार पिता को मार कर उनका घर अपने नाम करना चाहता था।।एक दिन उनके गाँव में एक विदेशी परिवार रहने आया और आते समय अपने साथ दो विदेशी चूहा लाए जिनमें कोरोना नाम का एक भयानक बीमारी था

जिसकी वजह से दोनों चूहे मार गए और उनको बाहर फेक दिया गया।।उन चूहों की वजह से पूरे गाँव में संक्रमण फेल गया और लोग घरों से निकाल बंद कर दिया।।

राहुल और प्रीति के पिता पहले से ही बीमार थे और उनको यह संक्रमण बहत जल्दी पकड़ लिया था जिसकी वजह से राहुल और प्रीति के पिता और भी बीमार हो गए ।।

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डॉक्टर ने राहुल और प्रीति को हमेशा अपने पिता को खाना और दबाई देने के बाद हाथ को सनेटाइज करने की सलाह दी और यह बात रामलाल को पता चल गया रामलाल हर दिन राहुल और प्रीति के घर से सनराइजर्स चुरा ने लगा

हर दिन इस तरह सानेटाइजर चोरी होते गए और एक दिन ऐसा आया जब उनके पास सनिटाइजर खरीद ने के लिए पैसा नहीं रहातभी दोनों बच्चे दुखी होकर एक नदी के पास जा कर बैठ गए

और रोने लगे उनको रोता देख एक परी नदी से प्रकट हुईऔर उनको एक जादुई सनेराइजर दिया और कहा यह सनाटाइजर कभी खतम नहीं होगा और दोनों बच्चे खुशी होकर घर आ गए।।

एक दिन अचानक रात को राहुल और प्रीति के पिता बीमारी के ज्यादा प्रभाव के वजह उनका देहांत हो गया।।राहुल और प्रीति के पिता के देहांत के बाद रामलाल दोनों बच्चो को मानव तस्करों के पास बेच दिया और घर अपने नाम कर लिया ।।

मानव तस्करो ने बच्चो को लेकर जब जंगल की ओर जा रहे थे तभी राहुल ने पेड़ से एक दी र जीलकड़ी तोड़कर मानव तस्करो को मार कर दोनों बच्चे वहां से भाग कर दूसरी गाब में चले गए ।।

दूसरी गाँव में जाने के बाद उनके पास पैसा नहीं था तभी राहुल ने प्रीति को कहा कि उसके पास वह जादुई सनटाइजर अभी भी हैकोरोना कि वजह से सनेटिज़र की बहत मांग था बाज़ार में

इसीलिए दोनों ने मिलकर उस जादुई सनेटिजर से तरल पदार्थ निकाल कर बहत सरी बोटोलो में भरकर बेचने लगे और खूब सारा पैसा कमाया और अपने लिए एक घर खरीद लिया ।।

समय जाता रहा राहुल और प्रीति बड़े हो गए और उन्होंने अपने पुराने घर को वापस पाने के लिए रामलाल कें खिलाफ केस कर दिया और जिसमें रामलाल दोषी प्रमाणित हुआ

और उसे जेल की सजा हुआदोनों भाई बहन को अपना पुराना घर फिर से वापस मिल गया और उसके बाद दोनों खुशी से अपनी पुरानी जिंदेगी उसी घर में बिताने लगे।।

Moral of the story – झूठ जितना भी बड़ा हो सच के सामने उसको हमेशा हार मानना पड़ता है।।

Moral Stories In Hindi For class 5 

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – गरीब की नियत –

एक गांव में माखनलाल नाम का एक दुकानदार था जिसका एक दबाई का दुकान था ।।

एक दिन एक बच्चा दबाई की दो बोतल चुराकर भाग रहा था तभी दुकान के मालिक की नजर उस पर पड़ी ।।

और दुकान के मालिक ने उस भागते हुए बच्चे को पकड़ कर उसको बहत मारा और उसके हाथ से दबाई भी छीन लिया।।

माखनलाल के दुकान के पास एक रामलाल नाम का गरीब चायवाला था जो उस बच्चे को रोते देख उसको बहत दया हुई

और उसने उस बच्चे के हाथ में दबाई की बोतल देख कर समझ गया कि बच्चा दबाई की बोतोल चुरा रहा है इसका मतलब कोई बहत ज्यादा ही बीमार है

तभी रामलाल ने उस बच्चे की बोतल का पैसा उसने देह दिया और बच्चे को जाने दिया

रामलाल एक गरीब इंसान हैं जो अपने ही जैसे दूसरे लोगो को मदद करता है ।।

एक दिन वह अपने दुकान मै कुछ काम कर रहा था और अचानक से सर दर्द होने लगा और वह गिर कर बेहोश हो गया ।।तभी उसका बेटा आकर उसको अस्पताल लेके जाता है डॉक्टर उसको बोलते है कि –

“रामलाल को कैंसर हुए है और उनका ऑपरेशन जल्द से जल्द करना होगा” जिसके लिए ५लाख रुपए की जरूरत थी ।।

गरीब होने के कारण रामलाल का बेटा इतना पैसा लेने में असफल रहा और अपने पिता के पैर के पास गया ।।

सुबह उठकर देखा उसके हाथ के सामने एक चिट्ठी पड़ी हुई है जिसमें लिखा है कि रामलाल के इलाज के पैसे किसी ने अस्पताल के डॉक्टरों को दे दिया है और उनका ऑपरेशन अभी हो सकता है।।

पूछताछ के बाद पता चला रामलाल के इलाज के पैसे किसी बड़े डॉक्टर ने दिया है।।

रामलाल अपने जान बचाने वाले उस डॉक्टर से शुक्रिया अदा करने के लिए उससे मिलने की इच्छा प्रकट करता है।।

और तभी वह डॉक्टर आकर उपस्थित होते है और अपना परिचय देते है।।

रामलाल को वह डॉक्टर बोलता है

“आप मुझे धन्यवाद केहकर शर्मिंदा मत कीजिए अपने ही मेरे मा को बचाया है”

“उस दिन अगर अपने मुझे दबाई के लिए पैसे नहीं देते तो मै अपने मा को बचा नहीं पता”

रामलाल का ऑपरेशन भी उसी बड़े डॉक्टर के हाथो होता है और उसके बाद रामलाल परी तरह ठीक होने के बाद घर चले जाते है और एक नई ज़िंदगी की सुरवात करते है।।

Moral of the story – हमेशा दूसरों की मदद करना हमारा धर्म है और कर्तव्य भी।।क्युकी मदद एक नए पेड़ की तरह होता है जो भविष्य में आपको कभी न कभी फल देगा ।।

Moral Stories In Hindi For Class 4

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – जादुई छड़ी और प्रेमलता – Part 01

भानप्रस्थ नाम के एक गांव में एक लीला नाम की एक विधवा औरत अपनी तीन बेटी के साथ रहती थी ,जिनका नाम गीता, सीता ,और प्रेमलता था ।।

लीला अपनी दो बेटी गीता और सीता को बहत प्यार करती थी और प्रेमलता के साथ बहत ही बुरा व्यवहार करती थी।।

जिसकी वजह से प्रेमलता बहत ही दुखी रहा करती थी।।लीला का मानना है कि प्रेमलता के जन्म के बाद ही उसके पिता का देहांत हो जाता है

और लीला प्रेमलता को अपने पति के मृत्यु के लिए दोषी मानती है और इसीलिए वह हमेशा प्रेमलता के साथ बहत ही बुरा व्यवहार करती है।।

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – जादुई छड़ी और प्रेमलता – Part 1.2

प्रेमलता को खाना भी अच्छी तरह नहीं देती है और उसको घर का सारा काम करवाती ।।

गीता और सीता भी उसको बहत दुख देते अपने थाली का झुटा खाना प्रेमलता को देते ।।

प्रेमलता एक दिन दुखी होकर जंगल मैं चली जाती है वहा जाकर वह एक पेड़ के नीचे बैठ कर रोने लगती है और

अचानक एक बूढ़ी दादी प्रकट होती है और उसको पूछती है

“बेटी तुम किस कारण दुखी हो” तभी प्रेमलता अपने साथ हुए एक एक दुख की वजह दादी को बताती है और कहती है कि उसे खाना नहीं मिलता ,

उसकी मा और बहनों उसको झूटा खाना देती है जिसे वह खा नहीं पाती और जिसकी वजह से वह बहत कमजोर हो गई है।।

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – जादुई छड़ी और प्रेमलता – Part 1.3

प्रेमलता की दूखभरी कहानी सुनकर दादी को बहत दुख हुआ और उन्होंने प्रेमलता को एक छड़ी दिया और कहा

“बेटी तुम्हे जितनी बार भूल लगे तुम इस छड़ी से मांगना यह छड़ी तुम्हे तुरंत खाना दे दिया करेगी”

प्रेमलता बहत खुश हो गई और उस छड़ी को लेकर चली गई और वह छड़ी हर रोज़ प्रेमलता को खाना देती और

जो उसको अच्छा लगता उस छड़ी से कहती और वह छड़ी उसकी हर बात मानती और इसी तरह कुछ दिनों तक चलता रहा

Moral Stories In Hindi For Class 10

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – जादुई छड़ी और प्रेमलता –Part 1.4

एक दिन सीता और गीता ने देखा कि प्रेमलता के पास एक जादुई छड़ी है जो प्रेमलता को खाना देती है

और यह बात सीता और गीता ने अपनी माता लीला से के दिया और लीला में वह छड़ी तोड़ दिया और फिर से प्रेमलता दुखी हो गई और फिर से वह जंगल जा कर रोने लगी

तभी वहा के फिर से दादी आकर उसको पूछा क्या हुआ बेटी तुम फिर से क्यो रो रही ही तभी उसने कहा कि दादी जी के द्वारा दिए गए छड़ी को लीला ने तोड़ दिया

तभी दादीजी ने कहा बेटी तुम उस टूटे हुए छड़ी को अपने आंगन ने जाकर दफना दो और प्रेमलता ने वहीं किया ।।

उसके बाद एक दिन प्रमलता सुबह उठ कर देखती है उसने कहा पे टूटा हुआ छड़ी दफनाया था

वहा पे एक सोने का पेड़ उग जाता है जिसके फल भी सोने के थे ।। पेड़ इतना जादुई था की वह सिर्फ प्रेमलता की बाते ही सुनता ।।

लीला जब भी उस पेड़ से फल तोड़ने जाती वह पेड़ अपने आप और भी उचा हो जाता और जब प्रेमलता उससे फल तोड़ने जाती पेड़ नीचे झुक जाता और ऐसा ही चलता रहा।।

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  • Top 10 Moral Stories In Hindi – जादुई छड़ी और प्रेमलता – Part 1.5

एक दिन प्रेम लता पेड़ के पास बैठ कर उस पेड़ को देख रही थी तभी एक राजकुमार अचानक से आया और उसे प्रेमलता बहत सुंदर लगी और प्रेमलता को सादी करने प्रस्ताव दिया

लेकिन लीला , सीता और गीता मै से किसी एक की सादी राजकुमार से करवाना चाहती थी परन्तु राज कुमार ने सीता और गीता में किसी से भी सादी करने से मना कर दिया और वहा से चला गया।।

राजकुमार के जाने के बाद लीला ने प्रेमलता को बहत डाटा और प्रेमलता दुखी हो कर पेड़ के नीचे बैठ कर रोने लगी

तभी पेड़ से आवाज़ आने लगी क्या हुआ मेरी बच्ची तुम फिर से क्यो दुखी हो गई हो?

प्रेमलता ने अपने साथ हुए भेद भाव के बारे में पेड़ से कहा वह पेड़ और कोई नहीं था जादुई दादी जी थी।।

पेड़ ने कहा “तुम पेड़ से एक पत्ती तोड़ो” और जैसे ही प्रेमलता ने पेड़ से एक पत्ता तोड़ा वह पत्ता बड़ा हो गया

और और अपने जादू से प्रेमलता को सुंदर राजकुमारी मैं परिवर्तित कर दिया और उसके बाद पेड़ ने कहा तुम इस पत्ते पर बैठकर उस राजकुमार के पास जा सकती हो।।

और वहीं हुआ प्रेमलता हमेशा के लिए अपने मा और बहनों को छोड़ कर राजकुमार के पास चली गई और उससे सादी करके अपनी पूरी जिंदगी राजकुमार के साथ बिताने लगी।।

Moral Of The Story – Top 10 Moral Stories In Hindi

दुख हमेशा उसे है मिलता है जो जीवन में संग्घर्स करना जानता है ।।
दुख हमेशा नहीं रहता प्रकृति का नियम है हमेशा दुख के बाद सुख आता ही है।।और इसीलिए हमें हमेशा अपना कर्म करते रहना चाहिए।।

Moral Stories In Hindi For Class 6

  • Top 10 Moral Stories In Hindi – बुद्धिमान बकरी

भागल पुर नाम के एक गांव मै एक बकरी अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी ।।

बकरी को हमेशा डर लगा रहता उसके बच्चो के लिए क्युकी वह जहा रहती वहा पे एक जंगल था।।

एक दिन एक इंसान को बकरी के बच्चो ने बात करते हुए सुना की जंगल मै स्वादिष्ट घास पाए जाते है।।

और यह सुनकर एक बकरी का बच्चा अपने मा से छुपकर जंगल चला जाता है घास खाने के लिए ।।

तभी बकरी परेशान हो जाती है और उससे दुंडते हुए जंगल चली जाती है

और वहा जाकर एक पेड़ के पास अपने बच्चे को देखती है की चार तेंदुए मिलकर उसके उपर हमला करने ही वाले हैऔर तभी बहा जाकर उनको बोलती है अगर तुमने मेरे बच्चे को खाने की कोशिश की शेरखान आकर तुम सबको कच्चा खा जाए गा

हमदोनों शेरखान का शिकार है और यह बात सुनकर तेंदुए बोले कि यह हमारा शिकार है शेरखान को कैसे पता चले गा की हमने तुमको खाया है ।।

तभी बकरी कहती है हमारे ऊपर निगरानी देने के लिए हाथी को शेर खान रख के गया है अगर तुम लोगो ने खाया तो शेर खान तुम सबको कच्चा चबा जाएगा ।।

और यह बात सुनकर तेंदुए अपने में बाद करने लगे वे बोले

शेर खान के खाने को हाथ लगाना मतलब अपने आपको शेर खान का खाना बनाने जैसा है

भलाई इसी मैं हम यहां से भाग जाते है और यह वह सभी तेंदुए वहा से भाग जाते है

और उसके बाद बकरी अपने बच्चे को लेकर वहा से भाग जाती है।।

कुछ देर के बाद शेरखान आकर उनके सामने उपस्थित होता है

और तभी बकरी फिर से शेरखान को कहती है आप हमें मत खाना हम शेरनी का शिकार है

अगर आपने हमें खाया तो शेरनी आपके ऊपर गुस्सा हो जाएगी और उसके बाद आपको शेरनी ने लड़ाई करना पर सकता है ।।

शेरखान ने कहा इसका क्या प्रमाण है कि तुम दोनों शेरनी का शिकार हो तब बकरी कहती है हमारे पहरेदारी करने के लिए शेरनी ने खरगोश को रख के गई है आपको बिस्वास नहीं होता तो आप खरगोश से पूछ लो।।

फिर शेर खान ने सोचा इनको खाना मतलब शेरनी से लड़ाई करने के जैसा है

और थोड़ी देर बाद शेरखान भी वहा से चला गया और उसके बाद बकरी और उसकी बच्ची दोनों भागते हुए जंगल से निकाल गए और अपने घर चले गए।।

और इसी तरह बकरी ने अपने बच्चे को जंगल से हर मुसीबत से बचाकर घर वापस लेके आने मै सफल हुई।।

Moral of the story- जीवन में आने वाले हर कठिनाई का हमको साहस ,बुद्धिमत्ता और चालाकी से सामना करना चाहिए तभी जाकर सफलता मिलती है।।
परिश्रम जीवन का आधार है जिसके बिना सफलता का स्वाद भी फिका लगता है।।

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